इब्रानियों 7:11
तब यदि लेवीय याजकपद के द्वारा सिद्धि हो सकती है (जिसके सहारे से लोगों को व्यवस्था मिली थी) तो फिर क्या आवश्यकता थी, कि दूसरा याजक मलिकिसिदक की रीति पर खड़ा हो, और हारून की रीति का न कहलाए?
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
12क्योंकि जब याजक का पद बदला जाता है तो व्यवस्था का भी बदलना अवश्य है।
Cross References
Galatians 4:3वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में होकर दास बने हुए थे।
Colossians 2:10और तुम मसीह में भरपूर हो गए हो जो सारी प्रधानता और अधिकार का शिरोमणि है।
Hebrews 5:10और उसे परमेश्वर की ओर से मलिकिसिदक की रीति पर महायाजक का पद मिला। (इब्रा. 2:10, भज. 110:4) 1 आत्मिक अपरिपक्वता
Hebrews 7:15हमारा दावा और भी स्पष्टता से प्रकट हो जाता है, जब मलिकिसिदक के समान एक और ऐसा याजक उत्पन्न होनेवाला था।
Hebrews 7:21क्योंकि वे तो बिना शपथ याजक ठहराए गए पर यह शपथ के साथ उसकी ओर से नियुक्त किया गया जिसने उसके विषय में कहा, 1 “प्रभु ने शपथ खाई, और वह उससे फिर न पछताएगा, 1 कि तू युगानुयुग याजक है।”
Hebrews 8:10फिर प्रभु कहता है, 1 कि जो वाचा मैं उन दिनों के बाद इस्राएल के घराने के साथ बाँधूँगा, वह यह है, 1 कि मैं अपनी व्यवस्था को उनके मनों में डालूँगा, 1 और उसे उनके हृदय पर लिखूँगा, 1 और मैं उनका परमेश्वर ठहरूँगा, 1 और वे मेरे लोग ठहरेंगे। 1