यशायाह 2:22
इसलिए तुम मनुष्य से परे रहो जिसकी श्वास उसके नथनों में है + 2:22 जिसकी श्वास उसके नथनों में है: अर्थात् जो दुर्बल और लघु आयु है और जिसे अपने आप पर नियंत्रण नहीं। उसका सामर्थ्य तब तक ही है जब तक उसकी श्वास चल रही है।, क्योंकि उसका मूल्य है ही क्या?
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
Cease ye from man, whose breath is in his nostrils: for wherein is he to be accounted of?
In Context
Cross References
Genesis 2:7तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा, और उसके नथनों में जीवन का श्वास फूँक दिया; और आदम जीवित प्राणी बन गया। (1 कुरि. 15:45)
Job 7:15यहाँ तक कि मेरा जी फांसी को, 1 और जीवन से मृत्यु को अधिक चाहता है। 1
Psalms 8:4तो फिर मनुष्य क्या है + 8:4 तो फिर मनुष्य क्या है: मनुष्य कैसा महत्वहीन है, उसका जीवन भाप के समान है वह अति शीघ्र विलोप हो जाता है वह अति पापी और अशुद्ध है कि ऐसा प्रश्न किया जाए। कि तू उसका स्मरण रखे, 1 और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले? 1
Psalms 144:3हे यहोवा, मनुष्य क्या है कि तू उसकी सुधि लेता है, 1 या आदमी क्या है कि तू उसकी कुछ चिन्ता करता है? 1
Isaiah 40:15देखो, जातियाँ तो डोल की एक बूँद या पलड़ों पर की धूल के तुल्य ठहरीं; देखो, वह द्वीपों को धूल के किनकों सरीखे उठाता है।
James 4:14और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा। सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो धुंध के समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है। (नीति. 27:1)