यशायाह 41:24
देखो, तुम कुछ नहीं हो + 41:24 तुम कुछ नहीं हो: यह मूर्तियों के लिए कहा गया है और कहने का अर्थ है कि वे व्यर्थ और शक्तिहीन है। वे अपने उपासकों की सहायता करने में समर्थ नहीं है।, तुम से कुछ नहीं बनता; जो कोई तुम्हें चाहता है वह घृणित है।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
Behold, ye are of nothing, and your work of nought: an abomination is he that chooseth you.
In Context
Cross References
Deuteronomy 7:25उनके देवताओं की खुदी हुई मूर्तियाँ तुम आग में जला देना; जो चाँदी या सोना उन पर मढ़ा हो उसका लालच करके न ले लेना + 7:25 सोना उन पर मढ़ा हो उसका लालच करके न ले लेना: मूर्तियों पर चढ़ाया हुआ सोना चाँदी। , नहीं तो तू उसके कारण फंदे में फँसेगा; क्योंकि ऐसी वस्तुएँ तुम्हारे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में घृणित हैं।
Deuteronomy 27:15‘श्रापित हो वह मनुष्य जो कोई मूर्ति कारीगर से खुदवाकर या ढलवा कर निराले स्थान में स्थापन करे, क्योंकि इससे यहोवा घृणा करता है।’ तब सब लोग कहें, ‘ आमीन + 27:15 आमीन: आमीन शब्द बोलनेवालों के अंगीकार की पुष्टि करता है कि जिन वाक्यों के प्रति उन्होंने प्रतिक्रिया दिखाई सच, न्याय सम्भव और अचूक है। ।’
Isaiah 37:19और उनके देवताओं को आग में झोंका है; क्योंकि वे ईश्वर न थे, वे केवल मनुष्यों की कारीगरी, काठ और पत्थर ही थे; इस कारण वे उनको नाश कर सके। (भज. 115:4-8, गला. 4:8)
Isaiah 44:9जो मूरत खोदकर बनाते हैं, वे सब के सब व्यर्थ हैं और जिन वस्तुओं में वे आनन्द ढूँढ़ते उनसे कुछ लाभ न होगा; उनके साक्षी, न तो आप कुछ देखते और न कुछ जानते हैं, इसलिए उनको लज्जित होना पड़ेगा।
Jeremiah 10:8वे मूर्ख और निर्बुद्धि है; मूर्तियों से क्या शिक्षा? वे तो काठ ही हैं!
Jeremiah 51:17सब मनुष्य पशु सरीखे ज्ञानरहित है; सब सुनारों को अपनी खोदी हुई मूरतों के कारण लज्जित होना पड़ेगा; क्योंकि उनकी ढाली हुई मूरतें धोखा देनेवाली हैं, और उनके कुछ भी साँस नहीं चलती।