यशायाह 58:2
वे प्रतिदिन मेरे पास आते और मेरी गति जानने की इच्छा ऐसी रखते हैं मानो वे धर्मी लोग हैं जिन्होंने अपने परमेश्वर के नियमों को नहीं टाला; वे मुझसे धर्म के नियम पूछते और परमेश्वर के निकट आने से प्रसन्न होते हैं।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Deuteronomy 5:28“जब तुम मुझसे ये बातें कह रहे थे तब यहोवा ने तुम्हारी बातें सुनीं; तब उसने मुझसे कहा, ‘इन लोगों ने जो-जो बातें तुझ से कही हैं मैंने सुनी हैं; इन्होंने जो कुछ कहा वह ठीक ही कहा।
Proverbs 15:8दुष्ट लोगों के बलिदान से यहोवा घृणा करता है, 1 परन्तु वह सीधे लोगों की प्रार्थना से प्रसन्न होता है। 1
Isaiah 29:13प्रभु ने कहा, “ये लोग जो मुँह से मेरा आदर करते हुए समीप आते परन्तु अपना मन मुझसे दूर रखते हैं, और जो केवल मनुष्यों की आज्ञा सुन सुनकर मेरा भय मानते हैं, (मत्ती 15:8,9, मर. 7:6,7)
Isaiah 48:1हे याकूब के घराने, यह बात सुन, तुम जो इस्राएली कहलाते और यहूदा के सोतों के जल से उत्पन्न हुए हो; जो यहोवा के नाम की शपथ खाते हो और इस्राएल के परमेश्वर की चर्चा तो करते हो, परन्तु सच्चाई और धार्मिकता से नहीं करते।
Jeremiah 42:20क्योंकि जब तुम ने मुझ को यह कहकर अपने परमेश्वर यहोवा के पास भेज दिया, ‘हमारे निमित्त हमारे परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर और जो कुछ हमारा परमेश्वर यहोवा कहे उसी के अनुसार हमको बता और हम वैसा ही करेंगे,’ तब तुम जान-बूझके अपने ही को धोखा देते थे + 42:20 तुम जान-बूझके अपने ही को धोखा देते थे: अर्थात् मुझे परमेश्वर के पास भेजकर उसकी इच्छा जानना स्वयं को धोखा देना था। तुम ने तो ठान लिया था कि मिस्र पलायन करना परमेश्वर की इच्छा है परन्तु जब परमेश्वर ने इसके विपरीत अपनी इच्छा प्रगट की तो अब तुम्हें उसको स्वीकार करने में परेशानी हो रही है। ।
Ezekiel 33:30“हे मनुष्य के सन्तान, तेरे लोग दीवारों के पास और घरों के द्वारों में तेरे विषय में बातें करते और एक दूसरे से कहते हैं, ‘आओ, सुनो, यहोवा की ओर से कौन सा वचन निकलता है।’