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मत्ती 12:35

भला मनुष्य मन के भले भण्डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य बुरे भण्डार से बुरी बातें निकालता है।

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

A good man out of the good treasure of the heart bringeth forth good things: and an evil man out of the evil treasure bringeth forth evil things.

In Context

34हे साँप के बच्चों, तुम बुरे होकर कैसे अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुँह पर आता है।

36और मैं तुम से कहता हूँ, कि जो-जो निकम्मी बातें मनुष्य कहेंगे, न्याय के दिन हर एक बात का लेखा देंगे।

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Cross References

Psalms 37:30धर्मी अपने मुँह से बुद्धि की बातें करता, 1 और न्याय का वचन कहता है। 1

Proverbs 12:6दुष्टों की बातचीत हत्या करने के लिये घात लगाने के समान होता है, 1 परन्तु सीधे लोग अपने मुँह की बात के द्वारा छुड़ानेवाले होते हैं। 1

Proverbs 15:4शान्ति देनेवाली बात जीवन-वृक्ष है, 1 परन्तु उलट-फेर की बात से आत्मा दुःखित होती है। 1

Proverbs 15:28धर्मी मन में सोचता है कि क्या उत्तर दूँ, 1 परन्तु दुष्टों के मुँह से बुरी बातें उबल आती हैं। 1

Proverbs 25:11जैसे चाँदी की टोकरियों में सोने के सेब हों, 1 वैसे ही ठीक समय पर कहा हुआ वचन होता है। 1

Matthew 13:52फिर यीशु ने उनसे कहा, “इसलिए हर एक शास्त्री जो स्वर्ग के राज्य का चेला बना है, उस गृहस्थ के समान है जो अपने भण्डार से नई और पुरानी वस्तुएँ निकालता है।” 1 यीशु का नासरत में फिर से आना

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