रोमियों 3:20
क्योंकि व्यवस्था के कामों + 3:20 व्यवस्था के कामों: कामों के द्वारा या इस तरह के काम जो व्यवस्था की माँग है। से कोई प्राणी उसके सामने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिए कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहचान होती है। (भज. 143:2) 1 विश्वास के द्वारा परमेश्वर की धार्मिकता
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Job 25:4फिर मनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में धर्मी कैसे ठहर सकता है? 1 और जो स्त्री से उत्पन्न हुआ है वह कैसे निर्मल हो सकता है? 1
Psalms 143:2और अपने दास से मुकद्दमा न चला! 1 क्योंकि कोई प्राणी तेरी दृष्टि में निर्दोष नहीं ठहर सकता। (रोम. 3:20, 1 कुरि. 4:4, गला. 2:16) 1
Romans 2:13क्योंकि परमेश्वर के यहाँ व्यवस्था के सुननेवाले धर्मी नहीं, पर व्यवस्था पर चलनेवाले धर्मी ठहराए जाएँगे।
Romans 4:13क्योंकि यह प्रतिज्ञा कि वह जगत का वारिस होगा, न अब्राहम को, न उसके वंश को व्यवस्था के द्वारा दी गई थी, परन्तु विश्वास की धार्मिकता के द्वारा मिली।
Romans 5:13क्योंकि व्यवस्था के दिए जाने तक पाप जगत में तो था, परन्तु जहाँ व्यवस्था नहीं, वहाँ पाप गिना नहीं जाता।
Romans 7:7तो हम क्या कहें? क्या व्यवस्था पाप है + 7:7 क्या व्यवस्था पाप है: क्या पापमय इच्छा “व्यवस्था के द्वारा” थी, यह स्वाभाविक रूप से पूछा जाता था कि व्यवस्था स्वयं बुरी बात नहीं थी?? कदापि नहीं! वरन् बिना व्यवस्था के मैं पाप को नहीं पहचानता व्यवस्था यदि न कहती, “लालच मत कर” तो मैं लालच को न जानता। (रोम. 3:20)