रोमियों 9:19
फिर तू मुझसे कहेगा, “वह फिर क्यों दोष लगाता है? कौन उसकी इच्छा का सामना करता है?”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
Thou wilt say then unto me, Why doth he yet find fault? For who hath resisted his will?
In Context
18तो फिर, वह जिस पर चाहता है, उस पर दया करता है; और जिसे चाहता है, उसे कठोर कर देता है।
Cross References
2 Chronicles 20:6यह कहने लगा, “हे हमारे पितरों के परमेश्वर यहोवा! क्या तू स्वर्ग में परमेश्वर नहीं है? और क्या तू जाति-जाति के सब राज्यों के ऊपर प्रभुता नहीं करता? और क्या तेरे हाथ में ऐसा बल और पराक्रम नहीं है कि तेरा सामना कोई नहीं कर सकता?
Job 9:19यदि सामर्थ्य की चर्चा हो, तो देखो, वह बलवान है 1 और यदि न्याय की चर्चा हो, तो वह कहेगा मुझसे कौन मुकद्दमा लड़ेगा? 1
Psalms 76:10निश्चय मनुष्य की जलजलाहट तेरी स्तुति का कारण हो जाएगी, 1 और जो जलजलाहट रह जाए, उसको तू रोकेगा। 1
Isaiah 46:10मैं तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूँ जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूँ, ‘ मेरी युक्ति स्थिर रहेगी + 46:10 मेरी युक्ति स्थिर रहेगी: मेरा उद्देश्य, मेरी योजना, मेरी मर्जी स्थिर रहेगी का अर्थ है, अचल, बस जाना, निश्चित होना, स्थापित होना और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूँगा।’
Mark 14:21क्योंकि मनुष्य का पुत्र तो, जैसा उसके विषय में लिखा है, जाता ही है; परन्तु उस मनुष्य पर हाय जिसके द्वारा मनुष्य का पुत्र पकड़वाया जाता है! यदि उस मनुष्य का जन्म ही न होता तो उसके लिये भला होता।” 1 चेलों के साथ प्रभु भोज
Acts 4:27“क्योंकि सचमुच तेरे पवित्र सेवक यीशु के विरोध में, जिसे तूने अभिषेक किया, हेरोदेस और पुन्तियुस पिलातुस भी अन्यजातियों और इस्राएलियों के साथ इस नगर में इकट्ठे हुए, (यशा. 61:1)