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यशायाह 32:6

क्योंकि मूर्ख तो मूर्खता ही की बातें बोलता + 32:6 मूर्ख तो मूर्खता ही की बातें बोलता: अर्थात् वह तो अपने स्वभाव के अनुसार ही बातें करेगा। उसका स्वभाव ही मूढ़ता की बातें करना है, अतः वह मूढ़ता ही उगलेगा। और मन में अनर्थ ही गढ़ता रहता है कि वह अधर्म के काम करे और यहोवा के विरुद्ध झूठ कहे, भूखे को भूखा ही रहने दे और प्यासे का जल रोक रखे।

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

For the vile person will speak villany, and his heart will work iniquity, to practise hypocrisy, and to utter error against the LORD, to make empty the soul of the hungry, and he will cause the drink of the thirsty to fail.

In Context

5मूर्ख फिर उदार न कहलाएगा और न कंजूस दानी कहा जाएगा।

7छली की चालें बुरी होती हैं, वह दुष्ट युक्तियाँ निकालता है कि दरिद्र को भी झूठी बातों में लूटे जबकि वे ठीक और नम्रता से भी बोलते हों।

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Cross References

1 Samuel 25:10नाबाल ने दाऊद के जनों को उत्तर देकर उनसे कहा, “दाऊद कौन है? यिशै का पुत्र कौन है? आजकल बहुत से दास अपने-अपने स्वामी के पास से भाग जाते हैं।

Job 24:2कुछ लोग भूमि की सीमा को बढ़ाते, 1 और भेड़-बकरियाँ छीनकर चराते हैं। 1

Proverbs 11:24ऐसे हैं, जो छितरा देते हैं, फिर भी उनकी बढ़ती ही होती है; 1 और ऐसे भी हैं जो यथार्थ से कम देते हैं, और इससे उनकी घटती ही होती है। (2 कुरि. 9:6) 1

Isaiah 3:15सेनाओं के प्रभु यहोवा की यह वाणी है, “तुम क्यों मेरी प्रजा को दलते, और दीन लोगों को पीस डालते हो!” 1 सिय्योन की अभिमानी स्त्री

Isaiah 59:13हमने यहोवा का अपराध किया है, हम उससे मुकर गए और अपने परमेश्वर के पीछे चलना छोड़ दिया, हम अंधेर करने लगे और उलट-फेर की बातें कहीं, हमने झूठी बातें मन में गढ़ीं और कही भी हैं।

Ezekiel 34:18क्या तुम्हें यह छोटी बात जान पड़ती है कि तुम अच्छी चराई चर लो और शेष चराई को अपने पाँवों से रौंदो; और क्या तुम्हें यह छोटी बात जान पड़ती है कि तुम निर्मल जल पी लो और शेष जल को अपने पाँवों से गंदला करो?

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