Isaiah 59:13
हमने यहोवा का अपराध किया है, हम उससे मुकर गए और अपने परमेश्वर के पीछे चलना छोड़ दिया, हम अंधेर करने लगे और उलट-फेर की बातें कहीं, हमने झूठी बातें मन में गढ़ीं और कही भी हैं।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Psalms 78:36तो भी उन्होंने उसकी चापलूसी की; 1 वे उससे झूठ बोले। 1
Isaiah 5:7क्योंकि सेनाओं के यहोवा की दाख की बारी + 5:7 दाख की बारी: परमेश्वर यहूदियों के साथ ऐसा व्यवहार करता था जैसे एक किसान अपनी दाख की बारी को सम्भालता है। वह उसकी दाख की बारी थी, उसकी निष्ठावान एवं निरन्तर देख-रेख का पात्र थी। इस्राएल का घराना, और उसका प्रिय पौधा यहूदा के लोग है; और उसने उनमें न्याय की आशा की परन्तु अन्याय देख पड़ा; उसने धार्मिकता की आशा की, परन्तु उसे चिल्लाहट ही सुन पड़ी! (भज. 80:8, मत्ती 3:8-10) 1 यहूदा के पापों की निन्दा
Isaiah 32:6क्योंकि मूर्ख तो मूर्खता ही की बातें बोलता + 32:6 मूर्ख तो मूर्खता ही की बातें बोलता: अर्थात् वह तो अपने स्वभाव के अनुसार ही बातें करेगा। उसका स्वभाव ही मूढ़ता की बातें करना है, अतः वह मूढ़ता ही उगलेगा। और मन में अनर्थ ही गढ़ता रहता है कि वह अधर्म के काम करे और यहोवा के विरुद्ध झूठ कहे, भूखे को भूखा ही रहने दे और प्यासे का जल रोक रखे।
Isaiah 57:11तूने किसके डर से झूठ कहा, और किसका भय मानकर ऐसा किया कि मुझ को स्मरण नहीं रखा न मुझ पर ध्यान दिया? क्या मैं बहुत काल से चुप नहीं रहा? इस कारण तू मेरा भय नहीं मानती।
Jeremiah 2:13क्योंकि मेरी प्रजा ने दो बुराइयाँ की हैं + 2:13 मेरी प्रजा ने दो बुराइयाँ की हैं: अन्यजातियाँ केवल एक ही पाप के दोषी थें अर्थात् केवल मूर्तिपूजा की परन्तु वाचा के लोगों ने दो पाप किए थे, एक उन्होंने परमेश्वर का त्याग किया और दूसरा मूर्तिपूजा। : उन्होंने मुझ जीवन के जल के सोते को त्याग दिया है, और, उन्होंने हौद बना लिए, वरन् ऐसे हौद जो टूट गए हैं, और जिनमें जल नहीं रह सकता। (यिर्म. 17:13) 1 स्वधर्म त्याग का परिणाम
Jeremiah 2:17क्या यह तेरी ही करनी का फल नहीं, जो तूने अपने परमेश्वर यहोवा को छोड़ दिया जो तुझे मार्ग में लिए चला?