योएल 3:16
और यहोवा सिय्योन से गरजेगा, और यरूशलेम से बड़ा शब्द सुनाएगा; और आकाश और पृथ्वी थरथारएँगे। परन्तु यहोवा अपनी प्रजा के लिये शरणस्थान और इस्राएलियों के लिये गढ़ ठहरेगा।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Psalms 18:2यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ानेवाला है; 1 मेरा परमेश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूँ, 1 वह मेरी ढाल और मेरी उद्धार का सींग, 1 और मेरा ऊँचा गढ़ है। (इब्रा. 2:13) 1
Psalms 46:1परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, 1 संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक + 46:1 संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक: यहाँ सहायक अर्थात्, सहयोग एवं सहकारिता। संकट: अर्थात् तनाव और दुःख देनेवाली सब परिस्थितियाँ। । 1
Psalms 91:1जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, 1 वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा। 1
Isaiah 33:16वह चट्टानों के गढ़ों में शरण लिए हुए रहेगा; उसको रोटी मिलेगी और पानी की घटी कभी न होगी। 1 उज्जवल भविष्य
Isaiah 42:13यहोवा वीर के समान निकलेगा और योद्धा के समान अपनी जलन भड़काएगा, वह ऊँचे शब्द से ललकारेगा और अपने शत्रुओं पर जयवन्त होगा।
Isaiah 51:16मैंने तेरे मुँह में अपने वचन डाले, और तुझे अपने हाथ की आड़ में छिपा रखा है; कि मैं आकाश को तानूँ और पृथ्वी की नींव डालूँ, और सिय्योन से कहूँ, ‘तुम मेरी प्रजा हो।’” (यिर्म. 31:33, इब्रा. 8:10) 1 परमेश्वर के रोष का अन्त