मलाकी 3:14
तुम ने कहा है ‘परमेश्वर की सेवा करना व्यर्थ है। हमने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहरावा पहने हुए चले हैं, इससे क्या लाभ हुआ?
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Job 21:15सर्वशक्तिमान क्या है, कि हम उसकी सेवा करें? 1 और यदि हम उससे विनती भी करें तो हमें क्या लाभ होगा?’ 1
Job 34:9उसने तो कहा है, ‘मनुष्य को इससे कुछ लाभ नहीं 1 कि वह आनन्द से परमेश्वर की संगति रखे।’ 1
Psalms 73:8वे ठट्ठा मारते हैं, और दुष्टता से हिंसा की बात बोलते हैं; 1 वे डींग मारते हैं। 1
Isaiah 58:3वे कहते हैं, ‘क्या कारण है कि हमने तो उपवास रखा, परन्तु तूने इसकी सुधि नहीं ली? हमने दुःख उठाया, परन्तु तूने कुछ ध्यान नहीं दिया?’ सुनो, उपवास के दिन तुम अपनी ही इच्छा पूरी करते हो और अपने सेवकों से कठिन कामों को कराते हो।
Joel 2:12“तो भी,” यहोवा की यह वाणी है, “अभी भी सुनो, उपवास के साथ रोते-पीटते अपने पूरे मन से फिरकर मेरे पास आओ।
Zechariah 7:3और सेनाओं के यहोवा के भवन के याजकों से और भविष्यद्वक्ताओं से भी यह पूछें, “क्या हमें उपवास करके रोना चाहिये जैसे कि कितने वर्षों से हम पाँचवें महीने में करते आए हैं?”